मलेरिया पर निबंध हिंदी में जानकारी (Essay On Malaria In Hindi)|10 Best Prevention

नमस्कार दोस्तों आप सभी का स्वागत है। आज हम अपने इस लेख में मलेरिया पर निबंध हिंदी में जानकारी (Essay On Malaria In Hindi) मलेरिया से संबंधित निबंध पड़ेंगे हमें पता है कि हमारे भारतवर्ष में मलेरिया के हर साल 51 करोड़ से भी ज्यादा लोग प्रभावित होते हैं जिनमें से कम से कम 20 लाख लोगों की मृत्यु हो जाती है।

मलेरिया मच्छर के काटने से होता है। मच्छर से मलेरिया के प्रोटोजोआ परजीवी संचरित होते हैं। हम अपने इस लेख में आपको मलेरिया से संबंधित निबंध, भाषण, अनुच्छेद, और उसके लक्षण इसके बारे में सामान्य जानकारी मलेरिया पर निबंध हिंदी में जानकारी (Essay On Malaria In Hindi) और इसके इलाज और बचाव के उपायों की बारे में बताएंगे।

मलेरिया पर निबंध हिंदी में जानकारी (Essay On Malaria In Hindi)

मलेरिया पर निबंध हिंदी में जानकारी (Essay On Malaria In Hindi)

मलेरिया नामक बीमारी है जिसे आमतौर पर बुखार के नाम से जाना जाता है। भारत में मलेरिया सबसे ज्यादा बारिश के दिनों में फैलता है और इसका प्रकोप भी अधिकांश उसी टाइम देखा जाता है।

मलेरिया व्यक्ति के लिए जानलेवा भी हो सकता है मलेरिया हर व्यक्ति के शरीर का सामना करना पड़ा है यह मनुष्य के शरीर को मानसिक रूप से कमजोर बनाने के साथ-साथ हैं जानलेवा भी होता है।

Essay On Malaria In Hindi

मलेरिया व्यक्ति के तापमान को बढ़ाकर 103 डिग्री तक ले जाता है। इससे व्यक्ति का तापमान ज्यादा हो जाता है। मलेरिया एक मादा को एनाफिलीज मच्छर के काटने से होता है जिसे मलेरिया प्रोटोजोआ रोक के नाम से जानते हैं मादा एनाफिलीज मैं होने वाले प्लाज्मोडियम परजीवी के कारण यह रोग मनुष्य के शरीर में फैलता है

Read Also : शतावरी के फायदे महिलाओं के लिए (3 Best Benefits of shatavari in hindi)

जब या मच्छर किसी व्यक्ति को काटता है तब वह लाख के साथ यह परजीवी मनुष्य के कौन में चला जाता है और मनुष्य को इस रोग से क्षतिग्रस्त कर देता है यह ला मनुष्य के खून में बहुत तेजी से फैलता है।

यह मनुष्य के यकृत कोशिकाओं तथा लाल खून कणिकाओं को खत्म कर देता है। व्यक्ति में मलेरिया नामक रोग कम से कम बारह दिन से रहता है। और इसकी अवधि भी बारह दिन ही रहती है ।

मलेरिया के लक्षण (symptoms of malaria in hindi)

*ठंड लगना तेज बुखार आना बुखार आने के बाद पसीना आना ज्वर का सामान्य हो जाना।

*रोगी का अधिकतम कमजोर हो जाना

*रोगी का सर दर्द और मांसपेशियों में दर्द होना।

*मलेरिया के कारण फिलहाल के आकार में वृद्धि हो जाती है तथा शरीर के विभिन्न भागों में मेलेनिन का एकत्र हो जाना और मलेरिया के कारण रक्ताल्पता।

Essay On Malaria In Hindi
Read Also : Cash Credit हिंदी में जानकारी (cc account means in hindi)|5 Most Benefits

मलेरिया की रोकथाम (Malaria prevention in hindi)


*मच्छरदानी का अपने घर में प्रयोग करना चाहिए।

*मच्छर प्रतिकर्षको का प्रयोग करना चाहिए।

*घर के दरवाजो और खिड़कियों पर जाली लगाये ताकि कोई मच्छर घर में ना आ सके।

*घर के आस-पास गडे तथा खुली जगह पर पानी इकट्ठा ना होने दे।

*अगर कहीं पानी इकट्ठा हो रहा है तो वहां पर मिट्टी का तेल चिड़कना चाहिए और गड्ढों को मिट्टी से भर देना चाहिए। ताकि वहां कोई भी मच्छर पनप ही ना पाए।

*घर के हर कोने पर समय-समय पर कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करते रहना चहिए।

*बारिश के मौसम में मच्छरों से बचने के लिए पुरे कपडे पहने ताकि कोई मच्छर न काट पाए।

Essay On Malaria In Hindi
Read Also : समाचार पत्र हिंदी में जानकारी | Best 30 Newspaper quotes in Hindi

मलेरिया का उपचार

*औषधि क्लोरोक्विन, मेफ्लोक्वीन,प्राइमाक्वीन हैलोफेंडरीन, फेनुड्रीन आदि औषधियों का सेवन करना चाहिए।

*रात को सोने से पहले यूकेलिप्टस, पिपरमेंट, संदल व सिरका आदि तेलों की मालिश करनी चाहिए।

*अगर आपको अधिक बुखार आ जाता है और बहुत अधिक ज्वर होने लगे तो आप अपने सिर पर बर्फ की पट्टी बांधकर रखनी चाहिए।

आप सभी को पता होगा कि मलेरिया की जांच करने के लिए एमपी टेस्ट किया जाता है। जिससे मलेरिया के सामान्यता लक्षण पीड़ित व्यक्ति में 48 से 72 घंटे के बाद दिखाई देते हैं

मनुष्य कोशिकाओं में यह रोग हो जाते हैं। तो व्यक्ति को तीव्र वृद्धि इन लोगों की ओर बढ़ जाती है मनुष्य पर आक्रमण कर देते हैं

Essay On Malaria In Hindi

अफ्रीका महाद्वीप के देशों में ऐसे अधिकांस देखा जाता है। जहां पर प्रति मिनट में एक बच्चे की मौत मलेरिया रोग से ही होती है अफ्रीका महाद्वीप में मलेरिया का सबसे ज्यादा खतरा होता है।

Read Also : संयम क्या है हिन्दी में जानकारी (moderation meaning in hindi)|5 Best & Creative Thinks

मलेरिया में क्या खांए-

  • मलेरिया से पीड़ित हर व्यक्ति को सेब खाने चाहिए।
  • पीपल के पत्तों का चूर्ण तथा सहद के साथ मिलाकर उसको खिलाने से भी मलेरिया के बुखार में लाभ मिलता है
  • दलिया, साबूदाना, दाल चावल की खिचड़ी रोगी को। पोस्टिक होने के साथ-साथ स्वस्थ रखने में आसान होते हैं इसलिए इन चीजों का सेवन करने से भी फायदा मिलता है।
  • तुलसी के पत्तों के साथ काली मिर्च का चूर्ण मिलाकर पानी उबालने के बाद इसे छानकर पीने से भी रोगि में सुधार आता है।
  • लिंबू काटकर उसमें काली मिर्च का चूर्ण मिलाकर व सेंधा नमक डालकर चूसे।
Read Also : सपने में शादी देखना (Sapne me shaadi dekhna)|By 5 Best Examples

मलेरिया में भूलकर भी रोगी को खाने के लिए न दें ये 5 चीजें मलेरिया में क्या न खांए-

*मलेरिया के रोगी को ठंडे पानी से ना तो नहाना चाहिए और ना ही ठंडा पानी पीना चाहिए।

*मलेरिया के रोगी को खट्टी चीजें जैसे आम नहीं खिलाना चाहिए इसके अलावा इन फलों का सेवन भी नहीं कराना चाहिए जैसे आनार, अनन्नास, संतरा, आदि इससे रोगियों को फायदा नहीं बल्कि नुकसान होगा।

*रोगी को दही, शिकंजी, गाजर, मूली, जैसी ठंडी चीजें भी नहीं खिलाना चाहिए।

*रोगी को मिर्च मसाले से बने हुए किसी भी प्रकार की खाद्य पदार्थों का सेवन भी नहीं कराना चाहिए।

राष्ट्रीय मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम (National Malaria Control Program)-

आप सभी को पता होगा कि राष्ट्रीय मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम 1953 में शुरू हुआ था जिसे बाद में 1958 में इसे राष्ट्रीय मलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम में बदल लिया गया था 1994 में मलेरिया एक्शन कार्यक्रम के रूप में यह प्रारंभ हुआ।

इस कार्यक्रम की तहत सभी घरों में डीडीटी का छिड़काव किया था और मलेरिया के रोकथाम में आश्चर्यजनक सफलता प्राप्त की थी किससे लोगों को बहुत फायदा हुआ था।

3 thoughts on “मलेरिया पर निबंध हिंदी में जानकारी (Essay On Malaria In Hindi)|10 Best Prevention”

Leave a Comment