इंद्रधनुष में कितने कलर होते हैं –7| Rainbow Mein Kitne Colour Hote Hain|

नमस्कार दोस्तों आज हम अपने इस लेख में इंद्रधनुष में कितने कलर होते हैं और हर कलर का मतलब क्या होता है और वह किस तरह का प्रतीक होता है यह सारी चीजें हम आपको हम अपने एक छोटे से लेख में बताएंगे जो आपके लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होगा।

आप सभी को पता होगा कि हमने स्कूल और कॉलेज की किताबों में अक्षर इंद्रधनुष पर ढेरों कविताएं और कहानियां पड़ी हैं और सुनने में भी आती हैं और बहुत से बच्चों ने इंद्रधनुष देखा भी होगा और आपने भी देखा होगा जब भी सावन का महीना रहता है।

अब इंद्रधनुष में कितने कलर होते हैं – Rainbow Mein Kitne Colour Hote Hain ये जान लेते है बारिश होती हैं तो बारिश होने के बाद आसमान में सात रंगों की एक बहुत ही खूबसूरत आकृति में एक इंद्रधनुष बनता है जिसे ही हम इंद्रधनुष कहते हैं। जिसमें एक साथ सात रंग दिखाई देते हैं ऐसा लगता है जैसे आसमान में एक नई आकृति और एक नया मौसम आ गया है जो अपने मन को बहुत ही भाता है।


तो दोस्तों आप सभी ने मृदुला भारद्वाज का नाम तो सुना ही होगा और वह उनसे जानते हैं कि क्या कहते हैं इंद्रधनुष के यह साथ रंग किस प्रकार से यह प्रतीत होते हैं
इंद्रधनष के सात रंग….

Rainbow Mein Kitne Colour Hote Hain


आप सभी ने देखा होगा कि बरसात के मौसम में जब भी आसमान में काले काले बादल होते हैं तो वह अपने मन को बहुत ही अच्छा लगती हैं। और मन की खुशी खिल उठता है मन खुशी से खिल उठता है और तभी अगर आसमान से हल्की हल्की बारिश की फुहार है। या बूंदे पढ़ने लगे तो हम सभी झूम उठते हैं। और नाचने लगते हैं ठीक उसके बाद जब बारिश बंद हो जाती हैं।

तब सूर्य के किरण बादलों से टकराती हैं तो आकाश में रंग-बिरंगे आकृति दिखाई देती हैं यही आकृति हम सब इंद्रधनुष बोलते हैं इंद्रधनुष के निकलने से मौसम में परिवर्तन हो जाता है। और सारे मोर नाचने लगते हैं और इधर-उधर झूमने लगते हैं।

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मौर बोलने लगते हैं कोयल की आवाज बहुत ही मधुर लगती हैं जो अपने मन को खुशी देती हैं। अब हम सात रंगों के बारे में बात कर लेते हैं कि यह सात रंग कौन-कौन से होते हैं। और इनका मतलब किस तरह का होता है और क्या होते हैं।

इंद्रधनुष में कितने कलर होते हैं – Rainbow Mein Kitne Colour Hote Hain –

1.बैंगनी


आपने जब बरसात में इंद्रधनुष को देखा होगा तो उसमें सबसे ऊपर बैंगनी रंग होता है। यह बैंगनी रंग का नाम एक सब्जी बैंगन के नाम पर रखा गया है क्योंकि इसे अंग्रेजी में हम सब वॉयलेट भी कहते हैं। जो इस नाम के फूल से रखा है। यह बैंगनी रंग दो रंगों से मिलकर बनता है यह बैंगनी रंग लाल रंग और नीले रंग से मिलकर बनता है। और वॉयलेट रंग आप सभी को पता होगा कि यह रंग का हल्का सेड होता है। यह रंग वॉयलेट लग्जरी और वेल्थ का रंग है।

Rainbow Mein Kitne Colour Hote Hain

2.जामुनी


इंद्रधनुष में जामुनी रंग दूसरे नंबर पर आता है जिसका नाम जामुन फल के नाम पर रखा गया है। यह बहुत ही गहरा रंग होता है जामुनी रंग रीगल सहाय रंगों की सूची में आता है यह रंग हमें विराट होने का एहसास कराता है और यह रंग बहुत हि गहरा होता है। जामुनी रंग यह बताता है कि हमें इस मेरी दुनिया में बहुत बड़ा मुकाम तय करना है और अपना नाम रोशन करना है जिससे अपना नाम हो सके।

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3.नीला


नीला रंग इंद्रधनुष में तीसरा नंबर का आता है। जो आसमान और सागर दोनों का रंग मिलकर नीला रंग बनाता है नीला रंग हमें शांति वफादार और अपने जीवन में स्थिरता लाने की शिक्षा देता है। और यह रंग हमें भरोसेमंद भी रखने का प्रतिक देता है।

नीला रंग हमें बहुत कुछ सिखाता है हमें किसी परिस्थिति में अपना नियंत्रण नहीं खोना चाहिए और हमें हर काम अपनी इच्छा अनुसार अच्छे से करना चाहिए। और अपने दिमाग को ठंडे रूप से वह कार्य कराना चाहिए ताकि हम जो भी काम करें उसमें हमें सफलता मिल जाए वह हर काम अपन सही तरीके से कर सके नीला रंग हमें बहुत कुछ सिखाता है।

Rainbow Mein Kitne Colour Hote Hain

4.हरा


हरा रंग इंद्रधनुष में सबसे बीच में होता है और हरे रंग का प्रतीक हरियाली ही माना जाता है। क्योंकि यह रंग सबसे बीच में होता है और इसी लिए इसका नाम हरा है इसीलिए हरा रखा गया है क्योंकि यह नाम हरियाली से ही मिलकर बनाया गया है। हरा रंग पसंद आने यानी जीवन का नया सूचक होता है।

मौसम के घनी सर्दियों के बाद फीर से बाग-बगीचों, पेड़-पौधों पर फिर से एक बार हरियाली नजर आने लगती है। और सारे पेड़ पौधे खिल उठते हैं। यह हमें सिखाता है कि हमें जीवन में रोज नये उत्साह के साथ काम करना चाहिए।

और सबसे महत्वपूर्ण हमें रंग के साथ देना चाहिए और हमें रोज एक नई उमंग के साथ रहना चाहिए ताकि हम अच्छा सोचे और अच्छा करें। अगर हमें एक नई उमंग की तलाश रहेगी तो हम व्यस्त रहेंगे और अपना काम करते रहेंगे और हम एक दीन अपने मुकाम पर पहुंच जाएंगे।

5.पीला


आप यह पीला रंग देखा होगा कि पीला रंग बहुत ही चमकदार और सुंदर रंग दिखाई देने वाला रंग है। यह रंग सूर्य का रंग है जो अपने जीवन को रोशनी से भरपूर करने वाला रंग है।

अगर हमने पीला रंग को अपने जीवन में उतार लिया तो अपना जीवन चमकदार और सुंदर हो सकता है। यह रंग हंसाने वाला भी है या यूं कहें कि यह रंग हंसमुख है स्वच्छ और उज्जवल भी यही रंग है। स्पष्टता और जागरूकता की शिक्षा देने वाला भी यही रंग है ऊर्जा का प्रतीक भी यही रंग है।

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6.नारंगी


इंद्रधनुष का नारंगी रंग भी सूर्य का ही एक रंग हैं जो हमें सुबह सुबह को सूरज का रंग देखने को मिलता है जिस तरह से सूरज सुबह-सुबह निकालकर हमें उजाला देता है उसी तरह यह रंग अपने विश्वास को मजबूत करता है। और अपने विश्वास को बढ़ाता है यह हमें सिखाता है कि अंधेरे के बाद रोशनी जरूर आती हैं।

जब हम सुबह सुबह इस रंग को देखते हैं तो हमारा मन बहुत ही प्रसन्न हो जाता है और हमें पूरे दिन बहुत ही अच्छा अनुभव होता है अगर आपने कभी सुबह उठकर नहीं देखा है तो आप एक बार देखेंगे तो आपको बहुत ही अच्छा अनुभव होगा।

7.लाल


इंद्रधनुष का सबसे लास्ट वाला रंग लाल रंग होता है। यह रंग रक्त का रंग होता है। लाल रंग आप सभी को पता होगा कि वीरता और साहस का प्रतीक होता है जिस तरह सबके लहू का एक ही लाल रंग देखने को मिलता है उसी तरह लाल का हमें बहुत कुछ सिखाता है

हमें शादी में बिना भेदभाव किए सभी के साथ रहना चाहिए और सबको मिलजुल कर रखना चाहिए ताकि अपना प्यार बना रहे यही वीरता का लाल रंग है और इसका सबसे अच्छा प्रत्येक अपने परिवार में देखने को मिलता है। अगर अपना परिवार मिलजुल कर रहा है तो सबसे अच्छा उदाहरण अपना परिवार ही होता है।

Rainbow Mein Kitne Colour Hote Hain

आप सब ने देखा होगा कि बारिश के मौसम में आसमान में शाम के समय पूर्व दिशा में और सुबह पश्चिम दिशा में बारिश के बाद लाल नीला पीला हरा आसमानी नीला और बैगनी रंगों का वृत्ताकार चक्र हमें कभी-कभी आसमान में दिखाई देता है वह यह इंद्रधनुष बरसात के मौसम में जब पानी की बुंदे सूर्य की किरणों पर पड़ती हैं।

तब सूर्य की किरणों के बूंदों के साथ विक्षेपण होता है। और वह किरण एक सुंदर रंग के रूप में बदल जाती हैं जिससे हमें आसमान में एक नया रूप देखने को मिलता है। जिसे ही हम इंद्रधनुष कहते हैं। इसे ही सतरंगी इंद्रधनुष कहते हैं।

अगर आप एक बार सोच कर देखो कि अगर आपके जीवन में कोई भी रंग ना होते तो आपकी जिंदगी कितनी बदरंग होती। सब चीजें काला या सफेद हमें दिखाई देती और मूल रूप से इंद्रधनुष के सात रंगों को भी रंग का जनक माना जाता है। और ऐसा भी कहा जाता है कि रंगों की उत्पत्ति का सबसे प्राकृतिक स्त्रोत सूर्य ही माना जाता है। सूर्य की किरणों में छात्राएं सम्मिलित होते हैं जो हमें सिर्फ बरसात के मौसम में ही दिखाई देते हैं।

प्रिज्म की सहायता से देखने पर पता चलता है कि सूर्य के साथ रंग ग्रहण करते हैं जो यह सात रंग बैंगनी जामुनी नीला हरा पीला नारंगी और लाल रंग होता है। मैं प्रिज्मा के सहायता से कहीं पर भी इन सात रंगों को देख सकते हैं। अगर आपने नहीं देखा है तो आप यह प्रैक्टिकल कर के देख सकते हैं जिसमें आपको साथ रंग दिखाई देंगे।

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