राजस्थान पर निबंध Essay on rajasthan in hindi|1000+ innovative words

हमारा भारत देश सुन्दरता का प्रतीक है, भारत के सबसे सुंदर राज्यों में राजस्थान का नाम भी आता है। देश के सभी राज्यों में क्षेत्रफल की दृष्टि से यह सबसे बड़ा राज्य है तथा यह देश के पश्चिम में पाकिस्तान से सटा हुआ राज्य है। 

इस राज्य की राजधानी जयपुर है, यह राज्य अपने पुराने शाही इतिहास, शानो शौकत तथा किले व महलों के कारण सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। यह राज्य हमारे इतिहास की धरोहर है, तथा यहाँ की प्राकृतिक सुन्दरता देखने लायक है।

Essay on राजस्थान हिंदी में
राजस्थान

राजस्थान पर निबंध essay on rajasthan in hindi

इस राज्य के बहुत सारे स्थल हैं, जो कि पर्यटकों को अपनी तरफ आकर्षित करता है। बहुत सारे विदेशी आगन्तुक जो भारत में भ्रमण के लिए आते हैं उनमे से अधिकतर लोग राजस्थान की सुन्दरता को जरुर देखने आते हैं।

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पर्यटक स्थल-

इसी वजह से हर वर्ष बड़ी तादाद में देशी विदेशी पर्यटक राजस्थान की सैर करने आते हैं। अगर हम स्वतन्त्रता से पहले की बात करें तो यह राज्य कई देशी रियासतों एवं ठिकानों में विभाजित था। संयुक्त रूप से राजस्थान को राजपुताना के नाम से जाना जाता था। जिसका अर्थ होता है कि राजस्थान राजा महाराजाओं की भूमि था। 

राजस्थान के ऐतिहासिक शहर जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, जैसलमेर, चित्तौड़गढ़ के किले, दुर्ग, महल तथा प्राचीन स्थल आज भी भारत इतिहास को ताजा कर देते हैं। राज्य का सबसे बड़ा तथा सुंदर शहर जयपुर है जिसे गुलाबी नगर भी कहा जाता है।

यहाँ का जैसलमेर शहर जिसे गोल्डन सिटी के नाम से भी जाना जाता है, थार रेगिस्तान के नजदीक स्थित है। इसके साथ ही यहाँ पर कई शाही महल भी स्थापित है जिसे देखने के लिए पर्यटक दूर-दूर से आते हैं। राजस्थान के शहर उदयपुर में स्थित कुंभलगढ़ किले की दीवार को दुनिया की दूसरी सबसे ऊंची दीवार माना जाता है।

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क्षेत्रफल-

यह राज्य 342,269 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। इसी वजह से यह देश का सबसे बड़ा राज्य है। हमारे देश की कुल क्षेत्रफल का लगभग 11 प्रतिशत भाग राजस्थान का है। इसका अधिकतर भाग मरुस्थलीय है, जहाँ की भूमी सर्वाधिक रेतीली है तथा यहाँ वर्षा बहुत कम मात्रा में होती है। इसी कारण से यहाँ अक्सर सूखा पड़ता है।

शुष्क जलवायु के इस राज्य में सबसे ठंडा पर्यटक स्थान माउंड आबू तथा सर्वाधिक शुष्क स्थल फलौदी है। भारत के पश्चिम में स्थित इस राज्य में एशिया का सबसे बड़ा रेगिस्तान थार मौजूद है। 

जहाँ भारत में सभी राज्यों के पहनावे भी अलग अलग हैं। वहीँ अगर राजस्थान के लोगों के कि बात करें तो वो अपने आप में खास है। अलग अलग क्षेत्रों और शहरों में लोग विविध तरह के वस्त्र पहनते हैं। इस राज्य के पुरुषों के लिए धोती कुर्ता व महिलाओं के लिए लहंगा, चुनरी यहाँ की पारम्परिक वेशभूषा है। इसका विशेष उल्लेख राज्य के इतिहास में उल्लेखनिय है।

राजस्थान का पहनावा-

भाषा-

राज्य में ज्यादातर लोग हिंदी बोलते हैं, जबकि यहाँ की मातृभाषा राजस्थानी है। यहाँ कि राजस्थानी भाषा मारवाड़, मेवाड़, शेखावटी आदि क्षेत्रों में अलग अलग स्वरूपों में देखने को मिलती है। विभिन्न भाषाओँ के लोक गीत यहाँ के पर्व उत्सवों पर गए जाते हैं, तथा बहुत ही मनभावन होते हैं।

जनसंख्या-

राजस्थान की जनसंख्या हिन्दु बहुल है। आज़ादी से पहले यह राज्य 22 रियासतों में बटा हुआ था, तथा सभी रियासतों पर अलग-अलग राजाओं का शासन था। लेकिन आज़ादी के बाद भारत के पहले गृह मंत्री और लोह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की कड़ी मेहनत के कारण इन सभी रियासतों को एक साथ लाया गया। इस एकीकरण के बाद ही यह राज्य राजस्थान कहलाया।

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राजस्थान के त्यौहार-

यहाँ अन्य सभी धर्मों के लोग भी रहते हैं। राजस्थान के मुख्य त्यौहार वही है जो देश के अन्य भागों में सामान्य तौर पर मनाए जाते हैं। जैसे कि तीज, गोगा नवमी, तेजा दशमी, गणगौर यहाँ के स्थानीय पर्व एवं उत्सव हैं। राजस्थान में नवरात्री का सात दिन का त्यौहार बड़े ही उत्साह से मनाया जाता है। इन सात दिनों में राज्य के लगभग सभी लोग अपना योगदान देते हैं।

Essay on राजस्थान हिंदी में

भारत के इस खूबसूरत राज्य में कई तरह के मेलों का आयोजन होता है, जैसे कि पुष्कर, रामदेवरा, परबतसर, गोगामेडी तथा अजमेर शरीफ में राज्य के बड़े मेले लगते हैं। बाँसवाड़ा डूंगरपुर में आदिवासियों का कुम्भ कहा जाने वाला बेणेश्वर का मेला लगता है, जहाँ लाखों कि संख्या में लोग आते हैं।

धर्म तथा वीरों की धरती-

राजस्थान की धरती वीरों, शौर्य गाथाओं, धार्मिक पर्वों, लोक आस्थाओं तथा सांस्कृतिक ऐतिहासिक मान्यताओं  के कारण अपनी एक विशिष्ट पहचान रखती है। राजस्थान में प्राचीन मध्यकाल और आधुनिक काल के दौरान कई शासकों ने शासन किया था। मौर्य साम्राज्य ने प्राचीन काल में इस राज्य को शासित किया था।

राजस्थान की धरती पर कई शक्तिशाली राजाओं ने जन्म लिया, जिन्होंने अपने आन, बान, शान तथा वीरता का परिचय देश को दिया। यहाँ के महान शासक महाराणा प्रताप का नाम कभी भी भुलाया नहीं जा सकता।
यहाँ की धरती पर मुगल शासकों का भी इस राज्य पर शासन रहा।

हालांकि अकबर ऐसा मुगल शासक हुआ जिसने सभी राजपूत शासक को साथ लेकर चला। अकबर के विशाल साम्राज्य के विस्तार में और उसे संभालने में राजपूत सेनानायक ने अपना काफी योगदान दिया।


उन सभी राजा महाराजाओं ने अपने संस्कृति रीति रिवाज को हमेशा जीवित रखने के लिए कई ऐतिहासिक इमारतों का निर्माण करवाया जिसमें राजस्थान की पुरानी कलाकृतियां नजर आती है।

पर्यटन की दृष्टि से राजस्थान का हर एक शहर पर्यटकों के लिए लोकप्रिय है। यहां के विभिन्न बड़े-बड़े शहर जैसे जयपुर, बीकानेर, उदयपुर, जोधपुर, जैसलमेर में कई ऐतिहासिक नगर मौजूद है जो राजस्थान के गौरवशाली इतिहास का गुणगान करता है।

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यहाँ के लोग काफी श्रद्धालु होते हैं, जिसके कारण इस राज्य में कई देवी-देवताओं के मंदिर स्थित हैं। जिसमें शीलमाता, आवडमाता, अम्बामाता, गोगाजी, पाबूजी, रामदेवजी, देवनारायणजी, तेजाजी इत्यादि प्रमुख हैं।

प्रसिद्ध चित्रकला-

राजस्थान की पट शिल्प कला, स्थापत्य एवं चित्रकला सारे संसार में प्रसिद्ध है। इसके इलावा कई और अन्य विशिष्टताओं से यहाँ के जीवन में जीवतंता एवं रंगीलापन दिखाई देता है। राजस्थानी लोगो की वेशभूषा में, आचार विचार में, आस्था विश्वास में ग्रामीण छाप देखने को मिलता है। इन विशेषताओं की वजह से ही हमारा राजस्थान रंगीला दिखाई देता है।

राजस्थान अपनी सुंदर कलाकृतियों के लिए सारे विश्व में प्रसिद्ध है। यहाँ की भित्तिचित्र, सुरम्य बावड़ियां, अलंकृत चौकों तथा क्षत्रियों के साथ की गई मीनाकारी और नक्काशीदार वस्तुएं देशभर के लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करती हैं।

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